Analyser/Observer जिन्दा जिन्दगी
Observe human life aspects. Life philosopher. A poet. Writer And mathematics lover. जिन्दगी , मेरी जान और तुम से बढकर कोई हसरत नही मेरी| आप का आपसे सँवाद हे जिन्दगी | बात दिल की आँखो से बया कर , लफ्जो से शिकायत ना कर | जमाना सारा तेरी मोहब्बत मे तेरा अखबार हो गया | Creator -© Ashok Bamniya
हालात मेरे फैसला मेरा
जीवन: एक निरंतर संघर्ष और कोशिश
गुणवत्तायुक्त शिक्षा: ज्ञान से परे, जीवन निर्माण का आधार
उम्मीद और सफर
Success 😁
प्रियतमा
तुम मेरी धड़कन, तुम मेरी साँस हो
तुम वो चाँदनी हो जो मेरे जीवन में आई,
अंधेरे रास्तों को मेरे जिसने रोशनी दिखाई।
तुम हो मेरे होठों की वो प्यारी सी मुस्कान,
तुम्हारे बिना अधूरा है मेरा ये जहां।
हर सुबह मेरी तुमसे ही शुरू होती है,
तुम्हारी हँसी से ही मेरी दुनिया महकती है।
वो छोटी-छोटी बातें, वो मीठी सी तकरार,
बस यही तो है हमारे प्यार का सार।
जब थक के आता हूँ मैं, तुम सुकून बन जाती हो,
हर दर्द को मेरे अपने आँचल में छिपाती हो।
तुम साया हो मेरा, हर कदम पर साथ निभाती हो,
सच कहूँ, तुम ही मेरी ताकत कहलाती हो।
तुम्हारी आँखों में देखा है मैंने खुशियों का सागर,
तुम हो तो लगता है पास है मेरे प्यार का गागर।
रूठो न कभी, प्रिय! मैं तुम्हें मनाता रहूँगा,
आखिरी साँस तक तुम्हारा ही साथ निभाता रहूंगा।
गुज़रे पल और आज का शोर
शांत सरोवर
Events
My love for my brother
आओ जीमने
आओ जीमने
Target
Happiness☺✨
शायद कल कुछ अच्छा होता
Life Lesson
मेरा घोडा (Positive Ego)
जिन्दगी की तेज रपट पर
सरपट दौड़ा मेरा घोडा, मेरा घोडा।
कठिनाइयों की ऊँची चट्टान पर
लंबा कूदा मेरा घोडा , मेरा घोडा।
संकरे, चौडे
उत्तल, अवतल
दर्द नाम का बन विनाशक
हाँफता दौडा, हाँफता दौडा
मेरा घोडा, मेरा घोडा।
लू- सी तपती,
बर्फ सी जमती,
पाक जमीं पर,
लिये पाक इरादे,
खूब इठलाता,
खूब हुंकारता,
बेलगाम मतलबी,
हवा मे उडता,
बादलों मे खेलता,
दौडता जाता, दौडता जाता,
मेरा घोडा, मेरा घोडा।
जिन्दगी की तेज रपट पर
सरपट दौड़ा मेरा घोडा, मेरा घोडा।
©Ashok_Bamniya
गलतियाँ
गलतियाँ
हजार गलतियो से सीखा हूँ,
उलझा हूँ, तभी सुलझा हूँ।
एक सच ऐसा भी
बेखबर जज्बाती
बेबस नहीं
खुश है अब
शायद अब
अपनो ने उसको अपना लिया
बेख्याली मे था लिया फ़ैसला
ज़िन्दगी थी उससे रूठ गयी
साथ मिला क्या तेरा कुछ पल
उसकी तो हँसी ही छुट् गयी
लफ्ज अब शिकायत नहीं करते
डरते है शर्मिंदा है
क्या सामना करे गैरो का
अपने ही कातिल जिन्दा है
रूह तक जहर उतर चुका
सांसे भी रक्त से सनी हुई
आबाद सियासत पहले थी
अब अपनी ही लकड़ी जली हुई
दिन रूठे
मनाने का समय नहीं
अपनो को जताने का समय नहीं
बेखबर जज्बाती
अब मुस्कुराने का समय नहीं।
©Ashok_Bamniya
किरदार
वक़्त आने दो ये भी बदलेगी।
कोई हलचल नही दिख रही
भुचाल आने दो
ये भी धँसेगी ।
जो बाँध रखी है
दिमाग मे ।
खोल दो
कि ये फिर ना खुलेगी ।
अब बता भी दो ।
फिर करोगे किससे
रहनुमा तो अब रहे नही ।
जो लोगो मे ।
तुम्हारे बहुत करीब का
तालाब तुम्हे दिखाई नही देता ।
अब दीवारे तालाब की
कमजोर
बहुत कमजोर
हो गयी है ।
संभाल लो इसको
कि फिर ये तुमसे ना संभलेगी ।
वक़्त आने दो ये भी बदलेगी।
ख्याल
तुम मुझसे नही आइने से पूछो अपनी खुबसुरती के बारे मे, मेरा तो बस यही ख्याल है कि तुम्हे देखने के बाद मेरा ओर कोई ख्याल ना रहा।
ईमान
डोला डोला डोला
ईमान डोला
आज फिर एक सडक का लडका
टावर पर चढ कर बोला
डोला डोला डोला
ईमान डोला
इसका उसका
किसका किसका
ईमान डोला
वादे सारे मर गये
लुटी लंका अपने घर गये
बिन पानी ही तर गये
डोला डोला
ईमान डोला
खुद बन बैठा मगर
मछली हमको बना दिया
तालाब था सारा भरा
अकेला सब पचा दिया
डोला डोला
ईमान डोला
अब फिर कोई नया देवता बन आयेगा
हमको मीठी चाय पिलायेगा
हमारे ही घर खाना वो खायेगा
हमसे अपने बर्तन साफ करवायेगा
अगर अब भी उसको ना समझे तो
सारा का सारा घर वो खा जायेगा
डोला डोला
ईमान डोला
इसका उसका
किसका किसका
ईमान डोला
देखो उसको
अब तो कुछ सीख लो
ऐसा ना करो
कि अपनी आंखे भींच लो
लालच लालच का
अब नाम ना हो
शहर अब अपने कर्मो से ओर
बदनाम ना हो
पहले खुद को
तो मे शुद्ध करू
ज्यादा नही पर
थोडा सा तो प्रबुद्ध करु
डोला डोला
ईमान डोला
@Ashok Bamniya
याद
कब तलक तुम मुझे याद करोगे -2
रोओगे हजार बार याद मे मेरी
क्या उसके बाद भी मुझे याद करोगे
कब तलक तुम मुझे याद करोगे|
किताबे मेरी मेज पर जो थी पडी
चादर मेरी जिसपर सल्वटे थी सजी
क्या उनसे लिपटकर
याद मुझे बार-2 करोगे
कब तलक तुम मुझे याद करोगे |
फूल जो आँगन मे खिला
खडा-2 मुरझा गया
पानी मिला नही
माटी मे समा गया
मन के द्वार खोले कि
भेंट उनसे हो गयी
खिडकी से तेज किरण
आँखो पर पड रही
तेज इतना हुआ की
अँधेरा अब दिख रहा
नजर जहाँ तक गयी देखा
यहाँ हर कोई बिक रहा |-2
आखरी बात
गम नही मुझे इस बात का भी कि मै तुझे खो दूँगा |
इससे ज्यादा ओर क्या होगा ,मै थोडा ओर रो दूँगा |
© Ashok Bamniya
आशकी
छलावा प्यार का
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Analyser/Observer Love the one, who love the one.
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Love is most brittle part of my life. Whenever i have someone around me , i feel happy but this happiness has a time limit which is too sho...






















