प्रियतमा

Analyser/Observer

​तुम मेरी धड़कन, तुम मेरी साँस हो

​तुम वो चाँदनी हो जो मेरे जीवन में आई,

अंधेरे रास्तों को मेरे जिसने रोशनी दिखाई।

तुम हो मेरे होठों की वो प्यारी सी मुस्कान,

तुम्हारे बिना अधूरा है मेरा ये जहां।

​हर सुबह मेरी तुमसे ही शुरू होती है,

तुम्हारी हँसी से ही मेरी दुनिया महकती है।

वो छोटी-छोटी बातें, वो मीठी सी तकरार,

बस यही तो है हमारे प्यार का सार।

​जब थक के आता हूँ मैं, तुम सुकून बन जाती हो,

हर दर्द को मेरे अपने आँचल में छिपाती हो।

तुम साया हो मेरा, हर कदम पर साथ निभाती हो,

सच कहूँ, तुम ही मेरी ताकत कहलाती हो।

​तुम्हारी आँखों में देखा है मैंने खुशियों का सागर,

तुम हो तो लगता है पास है मेरे प्यार का गागर।

रूठो न कभी, प्रिय! मैं तुम्हें मनाता रहूँगा,

आखिरी साँस तक तुम्हारा ही साथ निभाता रहूंगा।

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जिसको जाना है वो बेशक जाये

Analyser/Observer जितनी गुज़रनी थी, गुज़र गई सुकून और सब्र के साथ, आधी से ज़्यादा उम्र तय कर ली है अपने दम पर। अब न किसी को मनाने की चाह बची है...