उलझने

कहा तक संभाले अपने आप को, उलझने जिन्दगी की है जो कि खत्म नही होती। ©Ashok_Bamniya



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​जीवन: एक निरंतर संघर्ष और कोशिश

Analyser/Observer मनुष्य का जीवन उतार-चढ़ाव, सफलता और असफलता को आपस में समाहित किए हुए एक सुंदर मिश्रण से पूर्णता प्राप्त करता है। यह एक ऐसा...