याद

कब तलक तुम मुझे याद करोगे -2
रोओगे हजार बार याद मे मेरी
क्या उसके बाद भी मुझे याद करोगे
कब तलक तुम मुझे याद करोगे|

किताबे मेरी मेज पर जो थी पडी
चादर मेरी जिसपर सल्वटे थी सजी
क्या उनसे लिपटकर
याद मुझे बार-2 करोगे
कब तलक तुम मुझे याद करोगे |

फूल जो आँगन मे खिला
खडा-2 मुरझा गया
पानी मिला नही
माटी मे समा गया
मन के द्वार खोले कि
भेंट उनसे हो गयी
खिडकी से तेज किरण
आँखो पर पड रही
तेज इतना हुआ की
अँधेरा अब दिख रहा
नजर जहाँ तक गयी देखा
यहाँ हर कोई बिक रहा |-2

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