​जीवन: एक निरंतर संघर्ष और कोशिश

Analyser/Observer

मनुष्य का जीवन उतार-चढ़ाव, सफलता और असफलता को आपस में समाहित किए हुए एक सुंदर मिश्रण से पूर्णता प्राप्त करता है। यह एक ऐसा पथ है जिसमे हर मोड़ पर नई चुनौतियाँ, नए अनुभव और सीखने के नए असीमित अवसर मिलते हैं। जीवन केवल साँस लेने का नाम नहीं है, बल्कि निरंतर संघर्ष करने और प्रयास कर प्राप्त करने का नाम है।
संघर्ष ही जीवन है
जीवन को अक्सर एक संघर्ष के रूप में देखा जाता है। जिस तरह रात के बाद ही सवेरा होता है, ठीक उसी तरह बिना चुनौतियों का सामना किए कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता या ऐसा कहे कि कुछ महत्वपूर्ण प्राप्त नहीं कर सकता। ये चुनौतियाँ हमें हमारी कमियों को पहचानने और उन्हें सुधारने का मौका देकर हमें पूर्णता की ओर ले जाती हैं। संघर्ष हमें मजबूत बनाता है, हमें अच्छे-बुरे का ज्ञान कराता है, और हमें जीवन जीने का सही तरीका सिखाता है। जो लोग संघर्षों से घबराकर पीछे हट जाते हैं, वे अक्सर वहीं रुक जाते हैं, जबकि जो इन्हें चुनौती की तरह स्वीकार करते हैं, वे हर बार पहले से अधिक शक्तिशाली बनकर उभरते हैं।
कोशिश: सफलता की एकमात्र कुंजी हैं 
जीवन में अगर कोई एक चीज़ है जो हमें आगे बढ़ाती है, तो वह है कोशिश या प्रयास । अक्सर कहा जाता है, "कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।" यह बात  शत प्रतिशत सत्य है।
हार नहीं, सीख है: हर असफलता दरअसल हार नहीं होती, बल्कि एक नया सबक होती है। जब हम बार-बार कोशिश करते हैं, तो हम अपनी गलतियों से सीखते हैं, अपनी रणनीति को बेहतर बनाते हैं और सफलता के करीब पहुँचते हैं।
दृढ़ विश्वास और धैर्य: कोशिश का सीधा संबंध खुद पर विश्वास और धैर्य से है। यदि हमें खुद पर विश्वास है कि हम लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं, तो हमारा प्रयास कभी विफल नहीं होगा। इसके साथ ही, धैर्य रखना भी ज़रूरी है, क्योंकि बड़ी सफलताएँ एक दिन में नहीं मिलतीं; वे निरंतर और अथक प्रयासों का परिणाम होती हैं।
कर्म पर ध्यान: श्रीमद्भगवद् गीता में भी कोशिश के महत्व पर ज़ोर दिया गया है, जहाँ भगवान कृष्ण कहते हैं कि व्यक्ति को केवल अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए, फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। जब हम सही दिशा में पूरी लगन से प्रयास करते हैं, तो फल मिलना निश्चित हो जाता है।
जीवन और कोशिश का अटूट संबंध
जीवन और कोशिश एक दूसरे के पूरक हैं। जीवन का उद्देश्य केवल जीना नहीं, बल्कि सीखना और बढ़ना है। और यह सीखना और बढ़ना केवल प्रयासों से ही संभव बन सकता है।
सपनों को साकार करना: हमारे सपने केवल सोते हुए देखे जाने के लिए नहीं बने; वरन् वे हमें जगाए रखते हैं और हमें प्रेरित करते हैं कि हम उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें।
हर ठोकर एक सीढ़ी: जीवन में आने वाली हर बाधा, हर ठोकर को हमें एक रुकावट नहीं, बल्कि सफलता की सीढ़ी की तरह देखना चाहिए। लगातार कोशिशों से हम इन सीढ़ियों पर चढ़ते हुए अपनी मंज़िल तक पहुँचते हैं।
संक्षेप में, जीवन एक यात्रा है और कोशिश इस यात्रा का सबसे ज़रूरी ईंधन है। जिस व्यक्ति में कोशिश करते रहने की आदत होती है, उसके लिए कामयाबी मुकद्दर बन जाती है। इसलिए, चुनौतियों को स्वीकार करें, हार का डर मन से निकाल दें, खुद पर विश्वास रखें और अपनी पूरी लगन से कोशिश करते रहें—क्योंकि आपके प्रयास ही आपके जीवन को सार्थक और सफल बनाते हैं।

गुणवत्तायुक्त शिक्षा: ज्ञान से परे, जीवन निर्माण का आधार

Analyser/Observer

शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है, लेकिन केवल शिक्षा प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है; गुणवत्तायुक्त शिक्षा ही वह कुंजी है जो मानव क्षमता के ताले को खोलती है। यह केवल डिग्री या अंकों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है जो व्यक्ति को विवेकशील, आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनाती है।
गुणवत्तायुक्त शिक्षा क्या होती  है?
गुणवत्तायुक्त शिक्षा का सीधा अर्थ ऐसी शिक्षा से है जो छात्रों की व्यक्तिगत क्षमताओं और सीखने की गति का सम्मान करती है। यह रटने की पद्धति को बढ़ावा देने के बजाय, समझ और उसके अनुप्रयोग पर जोर देती है।
शिक्षा तभी गुणवत्तापूर्ण मानी जाती है, जब वह निम्नलिखित लक्ष्यों को पूरा करती है:
समग्र विकास: यह बच्चे के केवल संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास पर नहीं, बल्कि नैतिक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास पर भी ध्यान केंद्रित करती हो।
जीवन कौशल: यह छात्रों को 21वीं सदी के कौशल जैसे आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking), रचनात्मकता (Creativity), समस्या समाधान (Problem Solving), सहयोग (Collaboration) और डिजिटल साक्षरता से लैस करती है।
समाज और रोजगार से जुड़ाव: शिक्षा ऐसी हो जो समाज की जरूरतों को पूरा करे और छात्रों को जीविकोपार्जन के योग्य बनाए, उन्हें उद्यमी (Entrepreneur) बनने के लिए प्रेरित करे।
गुणवत्तायुक्त शिक्षा के प्रमुख तत्व
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक जटिल तंत्र है जो कई महत्वपूर्ण घटकों पर निर्भर करता है:
1. कुशल और प्रशिक्षित शिक्षक (Competent and Trained Teachers)
किसी भी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता उसके शिक्षकों की दक्षता से तय होती है। एक कर्मठ, सृजनात्मक और सकारात्मक अभिवृत्ति वाला शिक्षक ही शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बना सकता है। शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण विधियों और प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
2. प्रासंगिक पाठ्यक्रम और शिक्षाशास्त्र (Relevant Curriculum and Pedagogy)
पाठ्यक्रम: यह स्थानीय संस्कृति और आवश्यकताओं के अनुकूल होना चाहिए, जिसमें आवश्यक विषयों और कौशल का उचित एकीकरण हो।
शिक्षण विधि: शिक्षा बाल केंद्रित (Child-Centric), समावेशी, आनंदमय और सुखद होनी चाहिए। खेल-खेल में सीखना और अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
3. उचित मूल्यांकन प्रणाली (Fair Assessment System)
मूल्यांकन का उद्देश्य केवल छात्रों को पास या फेल करना नहीं, बल्कि सीखने की क्षमता का पता लगाना और उसमें सुधार करना होना चाहिए। मूल्यांकन प्रणाली को रटने की बजाय समझने और अनुप्रयोग को प्रोत्साहित करना चाहिए।
4. सहायक सीखने का माहौल (Supportive Learning Environment)
स्कूल का माहौल सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक होना चाहिए। इसमें पर्याप्त डिजिटल स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय और बच्चों को अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए विभिन्न गतिविधियों के अवसर होने चाहिए।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्व
गुणवत्तायुक्त शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी अपरिहार्य है:
संपोषणीय विकास (Sustainable Development): संयुक्त राष्ट्र के एसडीजी-4 (SDG-4) का लक्ष्य 2030 तक सभी के लिए समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। यह लक्ष्य सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
विवेक और नैतिकता का विकास: यह मनुष्य में कल्पना, तर्क, आलोचना, और विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है, जिससे वे अच्छे-बुरे की समझ विकसित कर सकें।
असमानता में कमी: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के बच्चों के साथ समान व्यवहार और निष्पक्षता सुनिश्चित करके क्षेत्रीय और सामाजिक असमानताओं को कम करने में सहायक है।
संक्षेप में, गुणवत्तायुक्त शिक्षा वह निवेश है जो व्यक्ति को ज्ञानवान, कौशल युक्त और नैतिक बनाता है, जिससे वह अपने जीवन में मनचाहे लक्ष्यों को प्राप्त कर सके और एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सके।
#Education

उम्मीद और सफर

Analyser/Observer

"अच्छी चीज़ों की तलाश में भटकना ही ज़िंदगी का सबसे सुंदर सफर है।
यह ज़रूरी नहीं कि हर दिन खुशगवार हो, पर यह ज़रूरी है कि आप हर दिन कुछ नया सीखें या सीखने की कोशिश करे। सीखने मात्र की आवश्यकता महसूस करना भी एक प्रेरणा है जो आगे जाकर पूर्णता प्राप्त कर कुछ नया जीवनोपयोगी सिखाती है।
ज़िंदगी का सार किसी मंज़िल पर पहुँचने में नहीं, बल्कि उस रास्ते पर चलते रहने में है। अपनी छोटी-छोटी जीतों को पहचानिए, अपने प्रयासों का सम्मान कीजिए, और याद रखिए—आज का आपका सबसे छोटा कदम भी कल एक बड़ी छलांग की तैयारी है।
अपने अंदर की उम्मीद को कभी बुझने न दें, क्योंकि वह रोशनी जहाँ तक जाती है, रास्ता वहीं से शुरू होता है।"

Success 😁

Analyser/Observer

"सफलता एक रात में नहीं मिलती, लेकिन नियत समय पर लिए गए छोटे-छोटे, अनुशासित फैसले और लगातार किया गया प्रयास ही हमें वहाँ पहुँचाते हैं जहाँ हम पहुँचना चाहते हैं।
याद रखें, बड़ा बदलाव हमेशा छोटे कदमों से शुरू होता है। आज आप जो बीज बो रहे हैं, वही कल आपका भव्य वृक्ष बनेगा। इसलिए, अपने लक्ष्य पर दृढ़ विश्वास रखें और हर दिन को एक नया अवसर मानकर आगे बढ़ें।"
छोटे छोटे विचारों, अवसरों , उम्मीदों को प्राप्त करके ही एक बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।

प्रियतमा

Analyser/Observer

तुम मेरी धड़कन, तुम मेरी साँस हो

​तुम वो चाँदनी हो जो मेरे जीवन में आई,

अंधेरे रास्तों को मेरे जिसने रोशनी दिखाई।

तुम हो मेरे होठों की वो प्यारी सी मुस्कान,

तुम्हारे बिना अधूरा है मेरा ये जहां

​हर सुबह मेरी तुमसे ही शुरू होती है,

तुम्हारी हँसी से ही मेरी दुनिया महकती है।

वो छोटी-छोटी बातें, वो मीठी सी तकरार,

बस यही तो है हमारे प्यार का सार

​जब थक के आता हूँ मैं, तुम सुकून बन जाती हो,

हर दर्द को मेरे अपने आँचल में छिपाती हो।

तुम साया हो मेरा, हर कदम पर साथ निभाती हो,

सच कहूँ, तुम ही मेरी ताकत कहलाती हो।

​तुम्हारी आँखों में देखा है मैंने खुशियों का सागर,

तुम हो तो लगता है पास है मेरे प्यार का गागर

रूठो न कभी, प्रिय! मैं तुम्हें मनाता रहूँगा,

आखिरी साँस तक तुम्हारा ही साथ निभाता रहूंगा।

गुज़रे पल और आज का शोर

Analyser/Observer

धीरज अपनी पुरानी डायरी के पन्ने पलट रहा था। पृष्ठ हल्के पीले पड़ गए थे और स्याही थोड़ी फीकी पड़ चुकी थी। आज की भाग-दौड़ वाली दुनिया से दूर, उसे उन गुजरे दिनों की धीमी गति याद आ रही थी।

"एक ख़त आने में हफ़्ते लग जाते थे," उसने मन ही मन बुदबुदाया। "और इंतज़ार में एक अलग ही मिठास होती थी। आज तो बस 'Sent' का बटन दबाओ और उम्मीद करो कि सामने वाला तुरंत जवाब दे दे।"



उसे याद आया, जब वह छोटा था, तो उसने अपनी नानी को हाथ से ऊन से स्वेटर बुनते देखा था। हर फंदा धैर्य और प्यार से बुना जाता था।



आज व्यक्ति डिलीवरी पर ‘Express’ ऑप्शन चुनता है। सब कुछ तुरंत चाहिए, रेडीमेड। बुनाई का हुनर कहीं पीछे छूट गया है, उसकी जगह मशीन की तेज़ आवाज़ ने ले ली है।


तभी उसकी मेज पर रखा टैबलेट चमका। एक दोस्त का वीडियो कॉल। वह तुरंत मुस्कुराया और स्वीकार कर लिया। यह भी एक जादू जैसा था—हज़ारों मील दूर बैठे दोस्त का चेहरा आँखों के सामने।



उसने महसूस किया: पुराने दिनों की ख़ूबसूरती इंतज़ार में थी, जो चीज़ों को क़ीमती बनाती थी। और नए दिनों का चमत्कार यह है कि वह दूरियों को मिटा देता है।


"मैंने कभी ख़तों के न आने का दर्द सहा है," उसने सोचा। "और मैंने वीडियो कॉल पर तुरंत हाल-चाल पूछने की राहत भी महसूस की है। दोनों अनुभवों का अपना अपना महत्व है।"


उसने अपनी डायरी बंद कर दी और टैबलेट को भी नीचे रख दिया। उसने महसूस किया कि असली समस्या पुराने या नए दिन नहीं हैं, बल्कि यह है कि हम हर पल में पूरी तरह से मौजूद हैं या नहीं।


वह उठा और अपनी पसंदीदा पुरानी कॉफी मशीन से एक कप धीमी, खुशबूदार कॉफी बनाने चला गया। एक पुरानी आदत को नए दिन में जगह देना एक अच्छी बात है।


जब उसने गर्म कप अपने हाथों में लिया, तो उसे एहसास हुआ कि ज़िंदगी न तो केवल पिछली धीमी धुन है, न ही केवल आज का तेज़ संगीत। यह दोनों का एक सुंदर, संतुलित मिश्रण है जिसे सरलता के साथ सहज स्वीकार करना ही जीवन जीने का मूल मंत्र है।





शांत सरोवर

Analyser/Observer
(Shant Sarovar - Quiet Pond)

शांत सरोवर की गहराइयों में,
एक अज्ञात सी कहानी है।
ठहरी हुई हैं लहरें सारी,
जैसे समय की रुक गई रवानी
दूर खड़ा मैं देख रहा,
यह नीरव  और अटल  दृश्य
पेड़ों की छाया, आसमान का अक्स,
सब कुछ कितना पवित्र और अदृश्य।
कोई शोर नहीं, कोई हड़बड़ी नहीं,
बस धीमा सा हवा का आना जाना।
मन कहता है, इस शांति को थाम ,
खुद के अंदर भी एक सरोवर बनाना।
जीवन की दौड़ भाग, ये भागमभाग कैसी?
जब सुकून एक पल में मिल सकता,
तो ये अफरा तफरी कैसी,
बस पलकें झुकाकर, साँसों को सुनकर,
हर प्रश्न का उत्तर खुल सकता है।
शुद्ध तन और पवित्र मन से,
मनचाहा वरदान मिल सकता है,
तभी एक लहर उठी धीरे से,
और शांत हुआ वो जल फिर से।
सिखा गई वो मुझको यह बात,
हर उथल-पुथल के बाद आता है विश्राम।





Events

Analyser/Observer

Life events imparts credentials, which have their own meaning for each individual.

My love for my brother

Analyser/Observer



When i am going to balance my havings, i found your side is heavier than any one else my dear brother.

आओ जीमने

Analyser/Observer

आओ जीमने


आज एक नजदीकी मित्र ने बुलाया मुझे जीमने
वो भी सहपरिवार।

मैने घर आके बताया मेरी धर्मपत्नी को
आज खाना ना बनाना यार
मेरे घनिष्ठ मित्र ने बुलाया है मुझे जीमने
वो भी सहपरिवार।

शाम का हे आयोजन
रखना समय का ध्यान 
थोड़ी दूरी पर है मित्र का घर
तुम कोई लंबित ना रखना काम।

भोली मेरी धर्मपत्नी ने
झटपट निपटाया सारा काम
शाम अभी दूर बहुत थी 
पर उसको ना था आराम ।

कुछ ओर कपड़े धोकर वो
सुखाने गई परकोटे के पास
पड़ोसन वही नजदीक खड़ी थी
उसके मन में थी कुछ बात करने की आस।

बातो ही बातो में मेरी धर्मपत्नी ने
अपना मुख खोला
शाम के आयोजन के बारे मे
सबकुछ पड़ोसन को बोला ।

अब बात कुछ ज्यादा ही हो गईं तो
मेरी धर्मपत्नी ने पड़ोसन को बोला 
तुम भी आ जाना साथ
इनके एक नजदीकी मित्र ने बुलाया है जीमने
वो भी सहपरिवार।

पड़ोसन भी कहा नाराजी थी 
जीमन किसका भी हो
उसकी तो हर जगह हाजी थी।

पड़ोसन बोली मेरे उनको भी ले आऊंगी साथ
मेरे भाई और बहिन के दो चार बच्चे भी आ जाए तो
इसमें तो ना होगी न बड़ी बात
आखिर मित्र ने बुलाया ही है जिमने
वो भी सहपरिवार।
@ashok_bamniya


Target

Analyser/Observer


Way without terminal always reduce you to a  mass without meaning.

                    © Ashok_Bamniya


Situation

Analyser/Observer

Some situations are so cruel that they can change someone from his best to his worst.

@ashok_bamniya




Critics

Analyser/Observer

It is very easy to criticize someone on his doings but when you go through the same by than only you will realise the person stands at his best.

©Ashok_Bamniya



Happiness☺✨

Analyser/Observer


Before and after the truth, I am the happiest person in the world only when surroundings  of my brain get reduced in  highly timid light I can find myself deep asleep when I am all alone.
©Ashok_Bamniya




शायद कल कुछ अच्छा होता

Analyser/Observer

 कुछ जरूरतें है इस जिंदगी की 
जो शायद पूरी होती तो 
शायद कल कुछ अच्छा होता 
यहां अभी कोई कहां रो रहा  है 
देखो इन गलियों  से  
मकानों से 
कोई आवाज भी तो नहीं आ रही 
 मगर अगर कोई मुस्कुराता
खिलकर ठहाके लगाता
तो शायद कल कुछ अच्छा होता 
मजबूत रस्सिया भी अच्छी है 
अगर ना होती है जंजीरे भी तो
शायद कल कुछ अच्छा  होता
कमाया कुछ नहीं अभी तक  मैंने
जो भी मेरा जमा था
 वह सब तो तुमने ले लिया
  इसके बाद भी अगर तुम रुक जाते तों
शायद कल कुछ अच्छा होता
 अपनी ही जमीन पर अजनबी बने बैठे हैं 
अगर होता कोई  जानकार तो  
शायद कल कुछ अच्छा होता
मेहरबानी इतनी रही तुम्हारी मुझ पर 
सांसे भी मेरी 
 तुम्हारी उधार है
 अगर होता नहीं कोई बंधन अपनेपन का 
तो शायद कल कुछ अच्छा होता |

Life Lesson

Analyser/Observer

In order of acquiring experiences certain we get, certain left and certain we lost.
©Ashok_Bamniya


मेरा घोडा (Positive Ego)

 जिन्दगी की तेज रपट पर

सरपट दौड़ा मेरा घोडा, मेरा घोडा। 

कठिनाइयों की ऊँची चट्टान पर

लंबा कूदा मेरा घोडा , मेरा घोडा। 

संकरे, चौडे

उत्तल, अवतल

दर्द नाम का बन विनाशक

हाँफता दौडा, हाँफता दौडा

मेरा घोडा, मेरा घोडा। 

लू- सी तपती, 

बर्फ सी जमती, 

पाक जमीं पर, 

लिये पाक इरादे, 

खूब इठलाता, 

खूब हुंकारता, 

 बेलगाम मतलबी, 

हवा मे उडता, 

बादलों मे खेलता, 

दौडता जाता, दौडता जाता, 

मेरा घोडा, मेरा घोडा। 

जिन्दगी की तेज रपट पर

सरपट दौड़ा मेरा घोडा, मेरा घोडा। 

©Ashok_Bamniya

गलतियाँ

Analyser/Observer

गलतियाँ

हजार गलतियो से सीखा हूँ, 
उलझा हूँ, तभी सुलझा हूँ। 



©Ashok_Bamniya

Analyser/Observer

एक सच ऐसा भी

Analyser/Observer


जब मैं खुद को देखता हूँ, 
तो मुझे तुम दिखती हो, 
क्या ये वक़्त का इशारा है, 
या ये मेरी ही नजरो का धोका है। 

बांध रखा है शायद मैंने, 
अपने ही अंतर मन को
तुम्हारे ध्यान से, 
सोच से मेरे परे हो नही रही तुम
सोच का मेरा दायरा भी, 
तुम तक ही सिमटा जा रहा। 

सच कहु तुमसे तो , 
जितनी भी रूहानी बाते है, 
मैं तुमसे ही करना चाहता हूँ। 

सँग तुम्हारे ही चलना चाहता हूँ, 
सँग तुम्हारे ही जीना चाहता हूँ। 
हर स्वपन मे मेरे अपनी इस,
परिकल्पना के साकार होने की तमन्ना लिये, 
स्वपनो की चादर ओढे सोता हूँ।

इस इंतजार मे की शायद वो दिन आयेगा, 
जब तुम अपने चेहरे की किरणो से, 
मुझे मेरे स्वपनो से जगाओगी। 
©Ashok_Bamniya

बेखबर जज्बाती

वो रातों को जगता है शायद उसकी नींदों को किसी ने चुरा लिया
बेबस नहीं
खुश है अब
शायद अब
अपनो ने उसको अपना लिया
बेख्याली मे था लिया फ़ैसला
ज़िन्दगी थी उससे रूठ गयी
साथ मिला क्या तेरा कुछ पल
उसकी तो हँसी ही छुट् गयी
लफ्ज अब शिकायत नहीं करते
डरते है शर्मिंदा है
क्या सामना करे गैरो का
अपने ही कातिल जिन्दा है
रूह तक जहर उतर चुका
सांसे भी रक्त से सनी हुई
आबाद सियासत पहले थी
अब अपनी ही लकड़ी जली हुई
दिन रूठे
मनाने का समय नहीं
अपनो को जताने का समय नहीं
बेखबर जज्बाती
अब मुस्कुराने का समय नहीं।
#बेखबर_जज्बाती
©Ashok_Bamniya


किरदार



जिन्दगी एक किरदार ही तो है,
वक़्त आने दो ये भी बदलेगी।
अभी तो जमीन पर
कोई हलचल नही दिख रही
भुचाल आने दो
ये भी धँसेगी ।
उम्मीदों की पोट ली
जो बाँध रखी है
दिमाग मे ।
खोल दो
कि ये फिर ना खुलेगी ।
शिकायतें जो भी है
अब बता भी दो ।
फिर करोगे किससे
रहनुमा तो अब रहे नही ।
हँसी बाँट रहे हो ना
जो लोगो मे ।
तुम्हारे बहुत करीब का
तालाब तुम्हे दिखाई नही देता ।
ठीक से देखो
अब दीवारे तालाब की
कमजोर
बहुत कमजोर
हो गयी है ।
समय है अब भी
संभाल लो इसको
कि फिर ये तुमसे ना संभलेगी ।
जिन्दगी एक किरदार ही तो है,
वक़्त आने दो ये भी बदलेगी।
©Ashok_Bamniya

ख्याल

तुम मुझसे नही आइने से पूछो अपनी खुबसुरती के बारे मे, मेरा तो बस यही ख्याल है कि तुम्हे देखने के बाद मेरा ओर कोई ख्याल ना रहा।


उलझने

कहा तक संभाले अपने आप को, उलझने जिन्दगी की है जो कि खत्म नही होती। ©Ashok_Bamniya



ईमान

डोला डोला डोला
ईमान डोला
आज फिर एक सडक का लडका
टावर पर चढ कर बोला
डोला डोला डोला
ईमान डोला
इसका उसका
किसका किसका
ईमान डोला
वादे सारे मर गये
लुटी लंका अपने घर गये
बिन पानी ही तर गये
डोला डोला
ईमान डोला
खुद बन बैठा मगर
मछली हमको बना दिया
तालाब था सारा भरा
अकेला सब पचा दिया
डोला डोला
ईमान डोला
अब फिर कोई नया देवता बन आयेगा
हमको मीठी चाय पिलायेगा
हमारे ही घर खाना वो खायेगा
हमसे अपने बर्तन साफ करवायेगा
अगर अब भी उसको ना समझे तो
सारा का सारा घर वो खा जायेगा
डोला डोला
ईमान डोला
इसका उसका
किसका किसका
ईमान डोला
देखो उसको
अब तो कुछ सीख लो
ऐसा ना करो
कि अपनी आंखे भींच लो
लालच लालच का
अब नाम ना हो
शहर अब अपने कर्मो से ओर
बदनाम ना हो
पहले खुद को
तो मे शुद्ध करू
ज्यादा नही पर
थोडा सा तो प्रबुद्ध करु
डोला डोला
ईमान डोला

@Ashok Bamniya

याद

कब तलक तुम मुझे याद करोगे -2
रोओगे हजार बार याद मे मेरी
क्या उसके बाद भी मुझे याद करोगे
कब तलक तुम मुझे याद करोगे|

किताबे मेरी मेज पर जो थी पडी
चादर मेरी जिसपर सल्वटे थी सजी
क्या उनसे लिपटकर
याद मुझे बार-2 करोगे
कब तलक तुम मुझे याद करोगे |

फूल जो आँगन मे खिला
खडा-2 मुरझा गया
पानी मिला नही
माटी मे समा गया
मन के द्वार खोले कि
भेंट उनसे हो गयी
खिडकी से तेज किरण
आँखो पर पड रही
तेज इतना हुआ की
अँधेरा अब दिख रहा
नजर जहाँ तक गयी देखा
यहाँ हर कोई बिक रहा |-2

आखरी बात

Analyser/Observer

गम नही मुझे इस बात का भी कि मै तुझे खो दूँगा |
इससे ज्यादा ओर क्या होगा ,मै थोडा ओर रो दूँगा |
© Ashok Bamniya


आशकी

Analyser/Observer

कही निगाहे मेरी 
तुम्हे शर्मिन्दा ना कर दे 
तुम्हारे चेहरे पर 
हजारो पहरे है |

तुम्हारे चेहरे से 
जो सुकून बरसता है 
हम तो आज भी 
उसी के लिये 
इस कोने मे ठहरे है |

समझो 
अगर निगाहे तुम्हारी 
पकड ले कही मुझको 
अपने चेहरे पर 
मेरी पहचान आने ना देना |

लब जो अगर थरथरा उठे 
कही जल्दी मे 
मेरा नाम ना लेना |

मेरी अब वो 
हस्ती ना रही 
कि सम्भाल पाऊ 
तुम्हारे मोतियो को |

खुश हु , मेरे बाद भी 
तुम्हारी मुस्कान जिन्दा है |

धागे जो तुम्हारे 
उलझ गये है मुझसे 
उन्हे यूँही उलझा छोड जाओ |

एक गाँठ अब नयी बाँधी है 
तो अब इसे सिद्दत से निभाओ |

©Ashok Bamniya


छलावा प्यार का

Analyser/Observer

ऐ मेरी वफा ए मोह्ब्बत 
तु मुझे अँधेरे मे बुलाती क्युँ है 
यकीन मैने तेरा किया है 
तु उजाले से घबराती क्युँ है  |

तुझसे वफा निभाने को 
ना-जाने  कौन-कौनसी बाते 
हर मोड को होती हुई 
मेरे घर को पहुँची 
क्या अब भी कुछ बाकी रह गया 
तु मुझे चुपके से बुलाती क्युँ है | 

यकीन कर लू ना तुझ पर 
एक यही सच मुझ पर भारी है 
समझ से मेरे परे है 
अँधेरे मे मिलना ही तेरी लाचारी क्युँ है |

कई सवाल खडे थे राह मे 
सबको अनसुना छोड दिया 
सँकेत कई हुए शक के 
मैने सबसे मुख अपना मोड लिया 
कई चेहरे सवालो के हताश हुए 
लजाते उनको छोड दिया 
केवल तेरे एक बुलावे पर 
मैने सपनो को अपने मोड  लिया |

अब भी स्थिर नही अगर 
ये अल्फाज वफा के 
तो क्या मेरा हश्र होगा 
सवाल भी तबाह हुए अगर 
इससे बुरा क्या हश्र होगा | 



सब ठीक तो है ना

Analyser/Observer

अब तो बस 
जी चाहता है  
कोई अपना  
पूछ ले 
सब ठीक तो है ना |
और मै जोर से
रो दू 
पिघला दू 
उन आँसुओ को 
जो हर्दय-तल मे 
जम गये है | 
जो आँखो मे 
दिखायी नही देते |

व्यर्थ के भावो ने 
जो पाश मुझ पर डाला है 
एक-एक  कर उसके सारे बँधन मै खोलू 
जुबा जो अब तक 
प्रकट कर रही थी किसी ओर को 
उससे अब स्वयं को बोलु | 

अब तो बस 
जी चाहता है 
कोई अपना  
पूछ ले 
सब ठीक तो है ना | 

©Ashok Bamniya


​जीवन: एक निरंतर संघर्ष और कोशिश

Analyser/Observer मनुष्य का जीवन उतार-चढ़ाव, सफलता और असफलता को आपस में समाहित किए हुए एक सुंदर मिश्रण से पूर्णता प्राप्त करता है। यह एक ऐसा...