बात दिल की

सच जो आप दिल मे दबाये बैठे हो
सच जो आप लोगो से छुपाये बैठे हो
सच जो आपका झगडा है
उसी ने तो आज आपका गिरेबान पकडा है
क्या लगा था आपको
अँधेरे मे कोई आपको देख ना पायेगा
ज़रा-सा आसमान मे चाँद क्या निकला
पता नही था आपको
आपका राज ही खुल जायेगा
आप जो देखकर हमे मुस्कुरा बैठे हो
जेब मे आपके
हमारे ही पैसे दबा बैठे हो
काम तो फिर भी नही करना आपको
पर ये कोनसा नाटक है
जो आप रचा बैठे हो |
©Ashok Bamniya


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