सपना

तुम मेरी सुनो 
दिल से अपने कहो 
 आवाज ना करो 
वक़्त पर मै ही 
तो तुम्हारे काम आया था 
सोच कर देखो 
तु साथ अपने क्या लाया था 
मेरी हर बात मे 
मै समझता हु 
तुम्हारी हामी है 
फिर किस बात पर मेरी 
तुमने अपनी साँस थामी  है 
हाँ मै  मानता हु 
मेरा वजूद तुम्हारा है 
पर एक गलती हो गयी मुझसे 
मैंने एक अपना 
अपने अंदर पाला है 
प्यारा मुझको भी है 
वो उतना 
जितना मै आप को हु 
कहो तो मार दू उसको 
उसके बिना ज़िन्दा 
मै भी ना हु | 



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जिसको जाना है वो बेशक जाये

Analyser/Observer जितनी गुज़रनी थी, गुज़र गई सुकून और सब्र के साथ, आधी से ज़्यादा उम्र तय कर ली है अपने दम पर। अब न किसी को मनाने की चाह बची है...