Observe human life aspects. Life philosopher. A poet. Writer And mathematics lover. जिन्दगी , मेरी जान और तुम से बढकर कोई हसरत नही मेरी| आप का आपसे सँवाद हे जिन्दगी | बात दिल की आँखो से बया कर , लफ्जो से शिकायत ना कर | जमाना सारा तेरी मोहब्बत मे तेरा अखबार हो गया | Creator -© Ashok Bamniya
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हालात मेरे फैसला मेरा
Analyser/Observer समय और हालत से उबरना: एक ‘री-प्रोग्रामिंग’ गाइड जब जिंदगी में समय और हालात' हमारे खिलाफ होते हैं, तो अक्सर हमें सलाह म...
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रोज चीखते हो कोई कुछ नही कर रहा यहा जरा ठहरो खुद ही से पूछो तुमने अब तक ऐसा क्या किया | तुमने अपने भतीजे को नौकरी लगवाया ...
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दिन धुआ हो गये राते भी काली है उम्मीदे मेरे घर को चली आयी पर मेरी जेब तो खाली है | माँगकर सब तरफ देख लिया सबकी आंखे एक सवा...
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Analyser/Observer अब तो बस जी चाहता है कोई अपना पूछ ले सब ठीक तो है ना | और मै जोर से रो दू पिघला दू उन आँसुओ...
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कुछ पढा कुछ लिखा और बडी हुई मै देखा जमाने को टाँग मेरी खिचते मुझे गिराने कि कोशिश लाख हुई पर तन कर विरोध मे खडी हुई मै गैरो ...
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ईट , पत्थर ,रेत ,सीमेंट लाया इन्हे मिलाकर किला बनाया दीवारे रंगो से सँजायी इन्हे देख लोगो कि आँखे चौंधियायी | रूप्या पैसा इत...
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एक बार हमे आजमाते क्यू नही हम इतने बुरे है क्या , हमे गले से अपने लगाते क्यू नही चाहते है तुमको दिलोजान से थोडे शर्मिले है जताते हम ...
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किस्मत कैसी होती है यहा ज़िंदगी रोती है वहा ज़िंदगी रोती है कुछ सपने संजोती है फिर माला मे पिरोती है गाँठ कच्ची रह जाये तो एक एक सपना ...
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जीने के लिये ए हमसफर अब तेरा साथ ही काफ़ी ना रहा दरिया पास चला आया है पर अब इसमे पानी ही काफ़ी ना रहा जरुरत जान की है जी तो हम बरस...
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मै खुद को समझता था समझदार बडा हर किसी के विरोध मे मै हो जाता था खडा बातो को अपनी सत्य ही मै जानता बाकी कोई कुछ भी बोले...

ज़िंदगी से पल पल मिलता है इंसान ... चाहे पद्म हो न हो दिर भी जीना होता है ..
ReplyDeleteअच्छी रचना है ...
धन्यवाद Digamber ji..सही कहा आपने
Deleteबहुत खूब
ReplyDeleteधन्यवाद लोकेश जी
Deleteपलके भीग जाएगी और
ReplyDeleteमन संतृप्त होगा -------- बहुत खूब आदरणीय अशोक जी -- अतृप्ति की तृप्ति वह भी आसूओं से !!!!!!बहुत मर्मस्पर्शी !!!!!! सादर --
धन्यवाद Renu ji
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